आओ कुछ नए अंदाज़ मे ईद मनाएँ
ईद के लिए ख़ुद को कुछ ऐसे सजाएँ
ना सिर्फ़ धागों से बुना हो नया लिबास,
ना इसमें दिखावे का हो कोई एहसास,
शफ़क़्क़त से तैयार हुआ ऐसा जोड़ा
जो दे नरमी का इक अंदाज़-ए-ख़ास
अपनेपन का इत्र कुछ यूँ लगाएँ,
मोहब्बत की महक से ख़ुद को महकाएँ,
तक़सीम करें इसे दिल खोल कर यूँ,
ख़ुशनुमा हो जाएँ ज़माने की सारी फ़िज़ाएँ 🌙
हमारा अंदाज़-ए-बयां यूँ ही रहे ख़ास,
लहजा हो जैसे एक शिफ़ा, नरम हों अल्फ़ाज़।
ज़ुबां पर रहे मिठास शीर की हर बात में,
शीरीन रहे ईद का लज़ीज़ मिजाज़ ✨
अहंकार, ग़ुस्सा और ग़ुरूर की ऊँचाई,
दूर रहे अहम् और मैं की परछाई
किना और रंजिश से रूह को आज़ाद करो
जो अपने है दिल से उनकी क़द्र करो ✨
बना दो यादगार हर लम्हे को
ख़ूबसूरत यादों के तोहफे बांटों
दोस्तों और रिश्तेदारों को
अमन और मुहब्बत की मिसाल बनाएं
आओ कुछ नए अंदाज़ मे ईद मनाएँ
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