वही करेगा फ़ैसला और वही देगा अब दलील
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील
गिरफ़्त करने से पहले वो इशारे हज़ार देता है,
सुधर जा अगर सुधर सके, ख़ामोशी से कहता है।
मगर जब ज़ुल्म हद से गुज़र जाए,
करता है ज़ालिम को ज़लील।
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील,
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील।
यह लंबी है लड़ाई, अब आख़िरत तक जाना है,
वो दुनिया की अदालतों की सोचे बैठे हैं।
हमें तो अब अपने रब की अदालत तक जाना है।
हमने उसकी रज़ा पर छोड़ा है अपना मुक़दमा,
वही करेगा फ़ैसला और वही देगा अब दलील
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील,
हसबुनल्लाहु वा नेमल वकील।

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